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विकलांग कार्ड ऑनलाइन कैसे बनाये

रेलवे विकलांग कार्ड ऑनलाइन आवेदन

राजस्थान तारबंदी योजना 2021 : नमस्कार दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं विकलांग कार्ड के बारे में भारत सरकार ने दिव्यांग लोगों के लिए एक अच्छी योजना की शुरुआत की है इस योजना का नाम विकलांग कार्ड योजना है इस कार्ड से दिव्यांग व्यक्ति को सरकार ने अनेकों प्रकार की सुविधाएं प्रदान की है ताकि दिव्यांग व्यक्ति अपना जीवन यापन आसानी से कर सके किसी भी समस्या से संबंधित कोई परेशानी नहीं उठानी पड़े दिव्यांग व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने इस योजना की शुरुआत की दिव्यांग योजना क्या है, विकलांग कार्ड का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें, विकलांग कार्ड से किन-किन को लाभ मिलेगा, विकलांग कार्ड कैसे बनाया जाता है, विकलांग कार्ड कैसे चेक करें, आदि सभी बिंदु आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से विस्तार से बात करने वाले हैं और विकलांग कार्ड योजना का लाभ भी लेंगे विकलांग कार्ड ऑनलाइन कैसे बनाये,

राजस्थान तारबंदी योजना 2021 –

सरकार ने विकलांग व्यक्तियों के लिए कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान की है जिससे उन्हें अपने जीवन की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने और आसान बनाने में मदद मिलती है। इसी प्रकार केंद्र सरकार ने विकलांग लोगों के सशक्तिकरण विभाग ने अद्वितीय विकलांगता आईडी कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए है। सरकार विकलांग लोगों को यूनिक विकलांगता आईडी कार्ड और विकलांगता प्रमाण पत्र जारी करेगा। स्वावलम्बन के ऑनलाइन पोर्टल पर विकलांग लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसके साथ ही आप अपने आवेदन की स्थिति और यूडीआईडी कार्ड डाउनलोड भी कर सकते है।

इस योजना का लाभ राजस्थान के रह रहे छोटे कर वाले और सीमांत किसानों को ही प्रदान किया जाएगा। जो लाभार्थी राजस्थान तारबंदी योजना के अंतर्गत आवेदन करेंगे उन्हें अधिकतम 400 मीटर तक की तारबंदी के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी प्रदान की जाएगी। तारबंदी होने के पश्चात आवारा पशुओं से फसलों को भी बचाया जा सकेगा।विकलांग कार्ड ऑनलाइन कैसे बनाये ,

स्वावलंबन कार्ड (यूडीआईडी कार्ड) बनवाने से दिव्यांगों को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे – 

1. दिव्यांग से संबंधित सभी जानकारी एक यूनिक आईडी कार्ड (Unique Disability ID Card) में होगी।
2. यह एक बहुउद्देशीय स्मार्ट कार्ड होगा। इससे दिव्यांगों को किसी प्रकार का प्रमाण पत्र लेकर नहीं घुमना पड़ेगा।
3. इस स्मार्ट कार्ड में ही एक चिप लगी होगी। जिसमें दिव्यांग से सम्बंधित सभी जानकारी होगी।
4. इसके लिए दिव्यांग कल्याण विभाग में एक सॉफ्टवेयर सिस्टम लगा है। इसमें एंट्री होते ही सम्बंधित अधिकारी अप्रूवल कर पोस्ट के माध्यम से सम्बंधित दिव्यांग के पते पर यूडीआईडी कार्ड भेज देता है।
5. कार्ड सभी आवश्यक विवरणों को कैप्चर करेगा, जिसे रीडर की मदद से डिकोड किया जा सकता है।
6. UDID कार्ड भविष्य में विभिन्न लाभों का लाभ उठाने के लिए विकलांगों के सत्यापन, सत्यापन का एकल दस्तावेज होगा।
7. यूडीआईडी ​​कार्ड कार्यान्वयन के पदानुक्रम के सभी स्तरों – ग्राम स्तर, ब्लॉक स्तर, जिला स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर से लाभार्थी की भौतिक और वित्तीय प्रगति की ट्रैकिंग-लाइनिंग में मदद करेगा।

यूडीआईडी कार्ड के लिए आवश्यक दस्तावेज –

यदि आप स्वावलंबन कार्ड के लिए आवेदन करना चाहते है तो आपके पास निम्न दस्तावेजों का होना आवश्यक है:

विकलांग प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज:
1.)आधार कार्ड
2.)वोटर ID कार्ड
3.)राशन कार्ड
4.)स्थायी पता प्रमाण पत्र।
5.)आयु प्रमाण पत्र।
6.)बोनाफाइड प्रमाण पत्र।
7.)आय प्रमाण पत्र।
8.)विकलांग व्यक्तियों को अपने अंग विकलांगता की दो फोटो भी होनी चाहिए।
9.)एक चेहरे की भी फोटो की आवश्यकता होगी।

हमें स्वावलंबन कार्ड आवश्यकता क्यों है –

विकलांग प्रमाण पत्र का लाभ यह है कि बधिर उम्मीदवार को आरक्षित कोटे के कारण चुने जाने की अधिक संभावना है। विकलांग व्यक्तियों (PwD) के कोटे के तहत आरक्षित नौकरियों के लिए आवश्यक है कि उम्मीदवार के पास श्रवण दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Hearing Disability Certificate) होना चाहिए। सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के कंपनियों ने विकलांगों के लिए 4% कोटा आरक्षित किया है। निजी क्षेत्र भी विकलांगों को नौकरी देने में पीछे नहीं है, कई आईटी कंपनियां और बड़ी होटल नियमित रूप से बहरेपन से पीड़ित और ऊँचा सुनने वालो को नौकरिया देते है। नौकरी आरक्षण के अलावा, स्वावलंबन कार्ड पहचान पत्र यात्रा आदि के लिए रियायतें प्राप्त करने में मदद करता है। विकलांगता कार्ड पास में रखने के लिए आसान है और किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है।

विकलांगता प्रमाण पत्र की वैधता क्या है –

पीडब्ल्यूडी प्रमाणपत्र 5 साल के लिए वैध है। वैधता समाप्ति के बाद उम्मीदवार को विकलांग प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहिए। विकलांग कार्ड ऑनलाइन आवेदन के लिए यहाँ संपर्क करें।

मेडिकल बोर्ड विकलांगता अधिनियम 2016 (आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम 2016) के अधिकार में निर्दिष्ट श्रवण विकलांगता की परिभाषा के अनुसार श्रवण विकलांगता प्रमाणपत्र जारी करता है।

श्रवण विकलांगता क्या है
श्रवण ध्वनियों सुनने में विभिन्न डिग्री की कठिनाई वाले व्यक्ति श्रवण विकलांग या श्रवण बाधित जाने जाते हैं:
1. RPWD अधिनियम 2016 के अनुसार परिभाषा
2. “बधिर” का अर्थ है कि दोनों कानों में आवृत्ति की 70 dB की क्षति है।
3. “ऊंचा सुनने वाला” का अर्थ है कि दोनों कानों में आवृत्ति 60 dB से 70 dB है।
4. श्रवण विकलांगता निर्धारण के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत।
5. विकलांगता अधिनियम 2016 (RPwD अधिनियम 2016) के अधिकार के अनुसार निम्नलिखित मूल्यांकन परीक्षणों की सिफारिश की जाती है। प्रक्रिया को प्योर टोन ऑडिओमेट्री और भाषण परीक्षण का संचालन करके और दिशानिर्देशों में उल्लिखित सूत्र को लागू करके श्रवण विकलांगता प्रतिशत की गणना करने की आवश्यकता है।
6. विकलांगता स्थायी होने पर ही प्रमाण पत्र जारी किया जाता है

विकलांग प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन –

1.)ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सर्वप्रथम हमें इसकी ऑफिशल वेबसाइट ई
2.)यहां पर आपको सिटिजन लॉगइन करना होगा।
3.)लॉग इन करने के बाद आपके सामने एक पेज खुलेगा जहां आवेदन के लिए बोला जाएगा। 4.)अब आवेदन पर क्लिक करके आपको दिव्यांग प्रमाण पत्र यानी विकलांग प्रमाण पत्र पर क्लिक करना होगा।
5.)अब आपके सामने एक फॉर्म खुल जाएगा इस फॉर्म को सावधानीपूर्वक पूछी गई जानकारी भरनी होगी।
6.)इस आवेदन पत्र में अपना नाम पिता का नाम आयु मोबाइल नंबर अति आवश्यक जानकारी को ध्यान पूर्वक भरना होगा।
7.)सभी आवश्यक जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा।
8.)इस प्रकार हम ऑनलाइन विकलांग प्रमाण पत्र का फॉर्म भर चुके हैं यह 14 दिन के भीतर आपको विकलांग सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा जिसे आप इसी वेबसाइट पर लॉगिन करके डाउनलोड कर सकते हैं।

शारीरिक विकलांगता क्या है –

यदि किसी व्यक्ति का कोई भी अंग सामान्य व्यक्ति की तुलना में ठीक ढंग से कार्य नहीं करता है या कोई विकार है चाहे वह जन्मजात हो या किसी दुर्घटना के कारण उसमें किसी प्रकार की अपंगता है तो वह शारीरिक विकलांगता के अंतर्गत आती है |

शारीरिक विकलांगता में मूकबधिर , लंगडाना , अंधापन , बहरापन तथा मानसिक रूप से मंद आदि विकृतियाँ आती हैं

दिव्यांग प्रमाण पत्र की पात्रता –

दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण पात्रता की शर्ते हैं:

बहरापन – ऐसा व्यक्ति जो 90 db से कम की ध्वनि को नहीं सुन सकता
1. मूक बधिर
2. दृष्टिहीन या दृष्टि बाधित
3. मंदबुद्धि या मानसिक विक्षिप्त
4. शारीरिक अपंगता जिसमें व्यक्ति हाथ या पाव में विकार

विकलांग प्रमाण पत्र को ऑनलाइन कैसे करें –

विकलांग प्रमाण पत्र online बनवाने के लिए निम्न चरण अपनाए:
1. Official site पर जायें
2. जैसे ही आप सिटीजन लॉगइन लिंक पर क्लिक करेंगे आपके सामने नया पेज ओपन हो जाएगा
3. अब नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण पर क्लिक करें
4. अब आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुल जायेगा जिसमे लॉग इन आईडी , आवेदक का नाम , जन्मतिथि , पता जैसी जानकारी भरें
4. अंत में captcha भरें और सेव पर क्लिक करें
5. अब आपके मोबाइल नंबर पर यूजर आईडी और otp आयेगा
6. अब अपने यूजर आईडी और otp से लॉग इन करें
7. अब आपके सामने उपलब्ध सेवाओ की पूरी सूचि खुल जाएगी
8. आवेदन पत्र कॉलम में दिब्यांग प्रमाण पत्र पर क्लिक करें
9. अब आपके सामने आवेदन फॉर्म खुलेगा जिसमें प्रार्थी का नाम , पिता का नाम , माता का नाम , विकलांगता प्रतिशत आदि विवरण भरें
10. अपना फोटो अपलोड करें
11. स्वप्रमाणित घोषणा पत्र अपलोड करें
12. दिब्यांगता समबन्धित प्रमाण पत्र लगायें और सबमिट करें
13. अंत में फीस जमा करें
14. इस प्रकार आपका आवेदन सफलता पूर्वक हो जायेगा

विकलांगता प्रमाण पत्र स्थिति –

Viklang praman patra देखने के लिए:
1. सबसे पहले अधिकारिक साईट पर जाएँ
2. Home page पर ‘आवेदन की स्थिति’ पर क्लिक करें
3. अपना application number डालें
4. अब सर्च पर क्लिक करें
5. अब आपके सामने पूरा विवरण खुल जाएगा
6. विकलांग सर्टिफिकेट डाउनलोड
7. दिए गए लिंक पर क्लिक करें जिससे आप होम पेज पर पहुंच जाएंगे CLICK HERE
8. अब अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें
9. जैसे ही आप लॉगिन करेंगे आपके सामने नया पेज ओपन हो जाएगा जिसमें सारी सर्विसेस सूचीबद्ध होंगे
10. बाएं तरफ मीनू टैब में निस्तारित आवेदन पर क्लिक करें
11. अब आपके सामने आपको प्रमाण पत्र दिख जाएगा जिसको आप डाउनलोड कर सकते हैं
12. विकलांग सर्टिफिकेट ऑनलाइन चेक UP
13. विकलांग प्रमाण पत्र online चेक करने के लिए

सबसे पहले ऑफिशियल साइट पर जाएं –

1. होम पेज पर प्रमाण पत्र का सत्यापन लिंक पर क्लिक करें
2. फिर पाप अप विंडो में अपना अप्लीकेशन नंबर और सर्टिफिकेट नंबर इंटर करें
3. फिर सर्च बटन पर क्लिक करें
4. आपके सामने आपके सर्टिफिकेट से संबंधित सारी डिटेल खुल जाएगी
5. विकलांग सर्टिफिकेट ऑनलाइन के लाभ
6. परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा
7. सरकारी नौकरियों में विशेष आरक्षण का लाभ मिलता है
8. दिव्यांगजन पेंशन की सुविधा
9. रेलवे किराया में छूट
10. गांव समाज की जमीन आवंटन में दिव्यांग जनों को प्राथमिकता
11. किसी प्रकार के आवेदन करते समय आवेदन शुल्क में छूट
12. शैक्षिक संस्थानों में विकलांग प्रमाण पत्र जमा करने पर आरक्षण का लाभ छात्रवृत्ति की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है

विकलांगों के लिए कौन कौन सी योजनाएं –

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांग जनों के लिए कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं:
1. दिव्यांग पेंशन योजना
2. कुष्ठ अवस्था पेंशन योजना
3. शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना
4. दुकान निर्माण योजना
5. शल्य चिकित्सा योजना
6. सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा
7. राज्य स्तरीय पुरस्कार योजना
8. कृत्रिम अंग सहायक उपकरण योजना

पीएच प्रमाण पत्र क्या है –

पीएच (PH) , फिजिकल हैंडीकैप (physical handicap) का शॉर्ट फॉर्म है | जिसका अर्थ शारीरिक रूप से अपंग | पीएच प्रमाण पत्र, विकलांगता प्रमाण पत्र का अंग्रेजी रूपांतरण है |
विकलांगता प्रमाण पत्र या पीएच प्रमाण पत्र या फिजिकल हैंडीकैप (physical handicap) प्रमाण पत्र एक ही हैं | और अब प्रधानमंत्री ने विकलांग व्यक्तियों के लिए दिव्यांग शब्द का प्रयोग शुरू किया है |

विकलांग कितने प्रकार के होते हैं –

1. दृष्टिबाधित विकलांगता – ऐसे व्यक्ति जिनकी आंखों से कम दिखाई देता है या एकदम भी नहीं दिखता दृष्टि बार विकलांगता के अंतर्गत आते हैं इनका कम दृष्टि विकलांगता प्रमाण पत्र बनता है
2. बहरापन – ऐसे व्यक्ति को सुन नहीं सकते आज उनके कानों से बहुत ही कम सुनाई देता है श्रवण विकलांगता के अंतर्गत आते हैं
3. गूंगा पन – ऐसे व्यक्ति जो बोल नहीं पाते या बोलने में अपनाने लगते हैं यह प्रक्रिया की समस्या होती है बोलने की विकलांगता के अंतर्गत आते हैं
4. मानसिक विक्षिप्त – यह व्यक्ति जिनकी समझने की क्षमता बहुत ही कम या मंदबुद्धि होते हैं मानसिक विक्षिप्त मानसिक विकलांगता के अंतर्गत आते हैं इनका आइक्यू लेवल 70 से कम होता है
5. लोकोमोटर विकलांगता क्या है – शरीर के अंगो का ठीक तरह से काम ना करना | ऐसे व्यक्ति चलने फिरने में असमर्थ होते हैं | उनके पैरों में अपंगता के कारण एक जगह से दूसरी जगह जाने में समस्या होती है |
6. कुष्ठ रोग से पीड़ित – प्राय: ऐसे व्यक्तियों की चेहरे से हाथ तथा पैरों में सफेद धब्बे पड़ जाते हैं |

दिव्यांग प्रमाण पत्र कौन बनाता है –

1. होम पेज पर प्रमाण पत्र का सत्यापन लिंक पर क्लिक करें
2. फिर पाप अप विंडो में अपना अप्लीकेशन नंबर और सर्टिफिकेट नंबर इंटर करें
3. फिर सर्च बटन पर क्लिक करें
4. आपके सामने आपके सर्टिफिकेट से संबंधित सारी डिटेल खुल जाएगी
5. विकलांग सर्टिफिकेट ऑनलाइन के लाभ
6. परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा
7. सरकारी नौकरियों में विशेष आरक्षण का लाभ मिलता है
8. दिव्यांगजन पेंशन की सुविधा
9. रेलवे किराया में छूट
10. गांव समाज की जमीन आवंटन में दिव्यांग जनों को प्राथमिकता
11. किसी प्रकार के आवेदन करते समय आवेदन शुल्क में छूट
12. शैक्षिक संस्थानों में विकलांग प्रमाण पत्र जमा करने पर आरक्षण का लाभ छात्रवृत्ति की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है

विकलांग की श्रेणी में कौन कौन आता है –

सरकार द्वारा निम्नलिखित श्रेणियों को विकलांग की श्रेणी में माना गया है:
1. दृष्टिबाधित
2. कम दृष्टि वाले व्यक्ति
3. मूक बधिर
4. श्रवण दोष
5. लोकोमोटिव या चलने फिरने में अक्षम
6. बौनापन (147 CM से कम)
7. मंदबुद्धि
8. मानसिक विक्षिप्त
9. कुष्ठ रोगी
10. भाषा विकलांगता
11. गामक अक्षमता
12. हीमोफीलिया
13. थैलेसीमिया
14. एसिड अटैक पीड़ित
15. बहु अपंगता
16. ऑटिज्म
17. मल्टीपल सिरोसिस आदि

प्यारे दोस्तों  और इस प्रकार की योजना के बारे में जानने के लिए हमारे साइट vidhia.in पर विजिट करे।

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